रोहतास की बेटी को सास की बीमारी ने बनाया योगगुरु, फिल्म स्टार से लेकर रामदेव बाबा भी हैं कायल

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पुष्पांजलि

आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है. ऐसे में हम बात करेंगे रोहतास जिले की बेटी पुष्पांजलि शर्मा के बारें में, जो देश-विदेश में योग गुरु के रूप में चर्चित हो चुकी है. वो देश के आलावा विदेशों में भी लोगों को योग का प्रशिक्षण दें रही है. पुष्पांजलि का जीवन काफी संघर्षमय रहा. लेकिन वह कभी हिम्मत नहीं हारी. अब वह उन महिलायों के प्रेरणास्त्रोत बन चुकी है, जो हिम्मत हार चुकी. हालाँकि पुष्पांजलि आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती थी. लेकिन सास की बीमारी ने उनको योग गुरु बना दिया. अब वे काशी में बेस्ट महिला फिजियो ट्रेनर और योग स्पेशलिस्ट हैं. उन्होंने बताया कि सास (मदर इन लॉ) की कैंसर की बीमारी ने उन्हें जीना सिखाया. उन्होंने योग के दम पर शादी के 20 साल बाद भी फिटनेस को बरकरार रखा.

रोहतास जिले के मोकर पंचायत के गांव डिलिया में जन्मी पुष्पांजलि अपने जीवन की इस तरह की इक्छा शक्ति जगा महिला और पुरुष को योग के माध्यम से सबल बना रही है. पुष्पांजलि ने बताया कि वह आईएएस बन कर देश सेवा करना चाहती थी. लेकिन सास की कैसर ने योगा फिजियो ट्रेनर और योग स्पेशलिस्ट बना दिया. 

बच्चों को योग सिखाती पुष्पांजलि शर्मा

पुष्पांजलि ने बताया कि सास की कैंसर की बीमारी ने उन्हें जीना सिखाया योग के दम पर शादी की 20 साल बाद भी फिटनेस को बरकरार रखा गांव में बच्चों लड़कियो की निशुल्क प्रशिक्षण दे रही है. उनके पिता कल्पनाथ राय बिहार पुलिस में थे. उनकी इंटर की पढ़ाई सासाराम में हुई.

10 मार्च 1999 को जैनपुर के रहने वाले अजय कुमार शर्मा से शादी हो गई. इसके बाद दोनों बनारस के बड़ा लालपुर में रहने लगे. पुष्पांजलि ने बीए और एमए की पढ़ाई गोरखपुर से पूरा किया. इनके पति अजय गोरखपुर में एवबीएस कॉलेज में शिक्षक पद पर कार्यरत हो गये. साल 2003 में उनकी सास की हालत खराब हो गई चार महिने तक वे बीएचयू स्थित सुंदरलाल अस्पताल में कैंसर डिपार्टमेंट मे रही. यहां लोगो को तड़पते देखा तो उसी दौरान मन में ठान लिया कि लोगों को स्वस्थ करना है. इसके बाद ही लोगों को योगा सिखाना शूरू कर दिया. केरला से योगा की डिप्लोमा किया. पुष्पांजलि वर्ष 2013-14 में केरल में इंटरनेशन सर्टिफिकेशन के लिए एक्जाम दिया. जिसमें 130 सीटों में 100 सीटे फॅारेनर, 15 सीट साउथ इंडियन और 15 सीटे नॉर्थ इंडियन के लिए होती है. बता दें कि, वो नर्थ इंडियन में से अकेले सिलेक्ट हुई.

योग सिखाती पुष्पांजलि

पुष्पांजलि ने बताया कि एक योग सूत्र संस्था की मदद से वो उन बच्चों को योग की ट्रेनिंग देती है. जो समाज में भटक गए है. बाल संप्रेषण गृह में उन बच्चों को योग टिप्स देती है. जिससे बच्चे स्वस्थ रहकर जीवन को खुशमय बना सके. साथ ही गांव के बच्चों को कैंप लगाकर योग करना और उसके लाभों को बताती है. उनका कहना है कि जब इंसान स्वस्थ्य और खुशहाल रहेगा तभी समाज सुदंर बनता है. योग तन मन दोनों को खुबसूरत बनाता है.

योग सिखाती पुष्पांजलि

महिलाओ को फिट रखने का ट्रेनिंग देती है: पुष्पांजलि महिलाओं को भी योग सिखा रही है. उन्होंने बताया गर्भवति महिलाओं को योगभ्यास कराती गर्भवस्था में महिलाओं को कमर दर्द की ज्यादा शिकायत रहती है और कई महिलाओं को प्रशव कराने में ऑपरेशन करना पड़ता है उन महिलाओ को समान्य प्रसव कराने के लिए योग कराती है. जिसमें सेतु बंध आसन सहित कई तरह के आसन है.

विदेशियों को योग सिखाती पुष्पांजलि

विदेशो में भी कराती है योग: पुष्पांजलि ने बताया कि होटल ताज में आने वाले पर्यटकों को योगा सिखाती है. इसके अलावा जर्मेनी, अमेरिका, पुर्तगाल, थाइलैड़ और ब्रिटेन के पर्यटको को योगा सिखाया और इनमें कई देशों में गई है. इस बार जर्मनी में योग सिखाने का ऑफर मिला है, जहां जा रही है.

फिल्म जगत में कई लोगों को योगा का देती हैं ट्रेनिंग: फिल्म दुनिया के डायरेक्टर अनुराग कश्यप फिल्म की शूटिंग बनारस कर रहे थे, तब पुष्पांजलि ने फिट रहने के लिए योगा का ट्रेनिंग दी. जहाँ जिम्मी शेरगिल और रवि किशन ने भी फिजिकल ट्रेनिग लिया. वहीं  फिल्म स्टार डीनो मौर्या और पूजा बेदी को भी योगा की ट्रेनिंग दे चूकी है. इसके अलावा बाबा रामदेव ने पुष्पांजलि को भरोसा दिया है कि यह संघर्ष काफी आगे और अपने मुकाम तक जाएगा.

अनुराग कश्यप को योग सिखाती पुष्पांजलि

बता दें कि, पुष्पांजलि आधुनिक फिटनेस कोर्स के लिए महानगरों में शिक्षार्थी बनीं. अनुभव के लिए वहीं कई प्रतिष्ठित जिमों में फिटनेस ट्रेनर के रूप में नौकरी की और जब वाराणसी लौटीं तो अपनी इस विधा को कभी कमाई का साधन नहीं बनाया बल्कि इसे उन्होंने जरूरतमंद, गरीबों, असहायों की मदद के रूप में ही इस्तेमाल कर रही हैं. लोगो में योग की ट्रेनिंग की देने के कारण पुष्पांजलि को ‘योग शिरोमणि’ के सम्मान से सम्मानित किया गया है.

रिपोर्ट- अरविन्द कुमार, नोखा

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