कैमूर पहाड़ी के घाटी में स्थित तुतला भवानी धाम की छटा है निराली

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रोहतास जिले के तिलौथू प्रखण्ड के रेड़िया गांव स्थित तुतला भवानी धाम की छटा निराली हैं। तुतला भवानी धाम की मां तुतलेश्वरी भवानी की प्रतिमा अति प्राचीन है।

फ्रांसिसी बुकानन ने अपने यात्रा वृतांत में लिखा है कि वह 14 सितम्बर 1812 ई. को यहां पहुंचा। उसने लिखा है कि यह प्रतिमा प्राचीन काल से ही प्रसिद्ध है। वहां देवी की दो प्रतिमाएं है। एक पुरानी और खंडित मूर्ति है जबकि दूसरी नई है। प्रतिमा के आस-पास कई शिलालेख हैं।

tutla bhawani mandir rohtas

रोहतास के इतिहासकार डा. श्याम सुन्दर तिवारी के मुताबिक पुराना शिलालेख शारदा लिपि में 8 वीं सदी का है, जो अपठित है। बाद का शिलालेख बारहवीं सदी के खरवार नायक राजा धवल प्रताप देव का है। 19 अप्रैल 1158 ई. में दुर्गा की दूसरी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के समय लिखा गया है। खुद खरवार नायक ने दूसरी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करायी है। उस समय खरवार राजा के पूरा परिवार मौजूद था। इसकी पुष्टि शिलालेख करता है।

तुतला भवानी मंदिर पहाड़ी की घाटी में है। घाटी के सटे कछुअर नदी बहती है। देवी की प्रतिमा गड़वाल कालीन मूर्ति कला का सुंदर नमूना है। देवी अष्टभुजी हैं। प्रतिमा में दैत्य महिष की गर्दन से निकल रहा है, जिसे देवी अपने दोनों हाथो से पकड़कर त्रिशूल से मार रही हैं।

यह मंदिर मनोवांछित फल प्राप्ति को लेकर प्रसिद्ध है। शारदीय नवरात्र की नवमी तथा श्रावण पूर्णिमा को रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड के कई गांवों के लोग पहले तुतलेश्वरी माता की पूजा अर्चना कर ही कुलदेवता की पूजा अर्चना करते हैं। श्रावण मास में पूरे माह मेला तथा नवरात्र में नौ दिनों के मेले का आयोजन होता है।

यहां छाग बलि का भी रिवाज है। किवदंती है कि मंदिर प्रांगण में नवरात्र की नवमी तिथि की मध्य रात्रि में परियों द्वारा नृत्य-गीत के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। तुतलेश्वरी भवानी मंदिर के आसपास की प्राकृतिक छटा मनोरम है। महिषासुर मंर्दिनी की प्रतिमा तुतराही जल प्रपात के मध्य में स्थापित है। पूरे रोहतास व कैमूर जिले में इस प्रकार का अद्भुत जल प्रपात नहीं है।

ऐसे पहुंचे:- मां तुतला भवानी मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन डेहरी-ऑन-सोन है। वहीं निकटतम बस स्टैंड रामडिहरा आन-सोन है। यह बस स्टैण्ड एनएच-2 सी (डेहरी-यदुनाथपुर पथ) पर अवस्थित है। यहां से 5 किमी. पश्चिम कैमूर पहाड़ी की घाटी में जाना पड़ता है। इसके लिए ऑटो रिक्शा उपलब्ध है। मंदिर से 100 मीटर की दूरी तक सड़क बनी हुई है। रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम से मंदिर की दूरी 38 किमी. है।

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