रोहतास की फराह अनवर बनीं मिसेज यूनाइटेड नेशन इंटरनेशनल पीजेंट की फर्स्‍ट रनर

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रोहतास जिले के बिक्रमगंज की बहू मिसेज एशिया फराह अनवर ने कनाडा के टोरंटो में 26 अगस्‍त को आयोजित यूनाइटेड नेशन इंटरनेशनल पीजेंट में मिसेज यूनाइटेड नेशन 2018 की फर्स्‍ट रनर बन बिहार को एक बार फिर से गौरवान्वित किया है। इस ब्‍यूटी पीजेंट में फराह एशिया को रिप्रजेंट कर रही थीं। 

इस सौंदर्य प्रतियोगिता में संयुक्त राज्य अमेरिकाचीनकनाडासिंगापुर समेत 26 देश के प्रतिभागी थे। उन सब के बीच फराह ने ये टाइटल अपने नाम किया है। यह पीजेंट की सिफारिश उन्हें दिवा पीजेंट के ओनर अंजना मस्करनहस और कार्ल मस्करनहस ने की। अंजना और कार्ल इंडिया के जानेमाने पीजेंट ग्रूमर है।

फराह की इस जीत में दिवा पीजेंट का अनमोल योगदान है।यह मालूम होता है कि अभी हाल ही में पुणे में आयोजित मिसेज एशिया ब्‍यूटी पीजेंट का क्राउन फराह ने अपने नाम किया था। इससे पहले भी फराह ने 2016 में एलिट मिसेज इंडिया का क्राउन जीत कर बता दिया था कि बिहार की बहू किसी से कम नहीं है और अगर सोचलगन और आसमान को छूने का जज्‍बा सच्‍चा होतो मंजिल को पाना कठिन नहीं है।

मिसेज यूनाइटेड नेशन 2018 की फर्स्‍ट रनर बनने के बाद फराह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरी ताकत मेरा एक साल का बेटा जिदान और मेरे पति दानिश अहमद खान हैं। इसके अलावा मेरे माता-पिता मेरे लिए बेहद खास हैं। सभी ने मुझे अपने सपने को जीने में मेरी पूरी मदद की है। तभी मैं आज वर्ल्‍ड में बिहार को रिप्रजेंट कर रही हूं। मेरे मॉ‍डलिंग करियर में माता-पिता और पति के अलावा भी कई लोगों ने सपोर्ट किया है, जिसके प्रति मैं आभारी हूं। इन लोगों ने मेरे हर अच्‍छे-बुरे वक्‍त में मेरा साथ दिया है।

फराह एक कुशल गृहणी के साथ-साथ एक सशक्‍त कॉरपोरेट महिला भी हैं। वे बिहार सरकार में मंत्री रहे अखलाक अहमद की बहू हैं। लेकिन वे मूलत: भोपाल की हैं और रोहतास के बिक्रमगंज के निवासी दानिश अहमद खान की पत्नी है। उन्‍होंने अपनी स्‍नातक तक पढ़ाई भोपाल में ही की। उसके बाद फराह ने पुणे से एमबीए किया और फिर मॉडलिंग को अपना करियर बनाया। इसके बाद उन्‍हें पहली बड़ी सफलता 2016 में मिली, जब उन्‍होंने एलिट मिसेज इंडिया का खिताब जीती।

फराह 2016 में ही मिस पुणे ब्‍यूटी पीजेंट की फर्स्‍ट रनर अप भी रह चुकी हैं। लेकिन साल 2018 उनके लिए अब तक खास रहा जब उन्‍होंने ग्‍लोबली दो बड़े ब्‍यूटी पीजेंट को अपने नाम कर न सिर्फ अपने परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि बिहार का नाम भी रौशन किया। हालांकि फराह के पिता चाहते थे कि वे यूपीएससी करें, मगर उनके मॉडलिंग के प्रति रूझान को देख कर सबों ने उनका सहयोग किया। ऐसा खुद फराह बताती हैं।

फराह बतौर बिजनेस वुमन अब तक कोका कोला, ब्रिटिश पेट्रोलियम, कमिन्स जैसे दुनिया की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम कर खुद को साबित तो किया ही हैं। साथ ही वे चैरिटी वे सामाजिक बेहतरी के कामों में भी बढ़ चढ़ कर भाग लेती रहती हैं।

फिलहाल वे एक गर्ल चाइल्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए स्‍माइल फाउंडेशन नाम की एजनीओ के साथ काम कर रही है। इसके अलावा गर्ल चाइल्ड एजुकेशन एंड रिहैबिलिटेशन के लिए स्‍माइल फाउंडेशन के सहयोग से 50000 यूएस डॉलर जमा करना उनका फ्यूचर प्‍लान है। फराह सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहती हैं, जहां उनको 10000 महिलांए फॉलो करती हैं। वे श्रीलंका, फिलीपींस, पाकिस्तान, दुबई, नेपाल, म्यांमार,भूटान में हॉलिस्टिक मार्केंटिंग भी करती हैं।

 

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