आईएएस बनने से पहले शिक्षक थे रोहतास डीएम, बोले जिले के शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा

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एक ऑफिसर, जो काबिल है। ईमानदार है। जो उलझन से भरे मामलों को भी सरलता से सुलझाने में माहिर है। जी! हम बात कर रहे रोहतास के नए जिलाधिकारी पंकज दीक्षित की जो उत्तरप्रदेश के रायबरेली के मूलनिवासी हैं। रोहतास जिले के लोगों को इनसे काफी अपेक्षाएं हैं। मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढे पंकज दीक्षित की प्रारंभिक शिक्षा रायबरेली में हुई। वहीं स्नाकोत्तर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुआ। श्री दीक्षित रायबरेली स्थित फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज से बीएड करने के बाद उत्तर काशी के राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक बने। लेकिन छात्र जीवन आईएएस बनने का सपना पाले श्री दीक्षित ने अपनी पढ़ाई जारी रखे। उन्होंने रोहतास डिस्ट्रिक्ट से बातचीत के दौरान बताया कि, “छात्र जीवन से ही मैंने आईएएस बनने का सपना देखा था, जिसके चलते स्कूलिंग के दौर से ही तैयारी शुरू कर दी थी।” फिर क्या, शिक्षक बनने के बाद भी उन्होंने अपनी कठिन परिश्रम और लगन के बदौलत यूपीएससी की परीक्षा पास की और फिर 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदाधिकारी बने।

जिलाधिकारी पंकज दीक्षित की ट्रेनिंग औरंगाबाद में प्रशिक्षु आईएएस के रूप में हुई। उसके बाद सहरसा सदर एसडीओ, पटना सदर एसडीओ, किशनगंज डीएम रहने के बाद अब उनकी पोस्टिंग रोहतास डीएम के रूप में हुआ हैं।

उन्होंने रोहतास डिस्ट्रिक्ट से बातचीत के दौरान बताया कि, ‘जिलाधिकारी होने के नाते उनपर विकास से ले बेहतर विधि-व्यवस्था तक की जवाबदेही है। इसे दुरुस्त करना उनका पहला दायित्व होगा। जिले में कानून के पालन करने के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं होगा और प्रत्येक वंचितों का हक कोई भी छीन नहीं पायेगा। साथ ही बालू-पत्थर से लेकर शराब के अवैध कारोबार पर भी पूरी तरह से नकेल कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजनाओं को सभी पंचायतों में प्राथमिकता के तौर पूरा किया जाएगा, ताकि अगले वर्ष रोहतास नंबर एक बनने में सफल रहे। पूर्व के अधूरे सभी कार्यों को पूर्ण करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। इसके अलावा लोक शिकायत निवारण अधिनियम, लोक सेवा अधिकार समेत अन्य कार्यक्रमों व योजनाओं का लाभ आसानी से लोगों को मिले, इस पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। चाहे वह कैमूर पहाड़ी पर बसे गांव हो या फिर मैदानी इलाके के गांव। सभी गांव में विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी।’

रोहतास जिलाधिकारी पंकज दीक्षित

पर्यटन के सवाल पर श्री दीक्षित ने कहा कि, “रोहतास जिला अपने आप मे बेहद खास है। जिला ऐतिहासिक धरोहरों के अलावा प्राकृतिक संपदाओं को संजोय हैं। यहां के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि, अभी रोहतास किला पर रोपवे निर्माण, ताराचंडी शक्तिपीठ का विकास एवं शेरशाह मकबरा की सफाई मुख्य प्राथमिकता हैं। साथ ही जिलें के पहाड़ी गांवों को भी ‘विलेज पर्यटन’ के रूप में विकसित किया जाएगा। रेहल की तरह ही जिलें के अन्य पहाड़ी गांवों को भी ‘कार्बन निगेटिव’ गांव बनाया जाएगा।

जिले के ट्रैफिक व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि, जाम जैसी विकट समस्या से आमलोगों को हर हाल में निजात दिलाया जाएगा। लोगों के सहयोग से ही यहां की ट्रैफिक व्यवस्था सुधर सकती हैं। लोगों को ट्रैफिक नियम का पालन करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एसडीओ को कई निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा व स्वच्छता के बारे में उन्होंने कहा कि, रोहतास सूबे का सबसे साक्षर जिला हैं। यहां के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले व स्कूलों में शिक्षकों की शत-फीसद उपस्थिति हो, इस पर ध्यान दिया जाएगा। सुदूर इलाके के शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। श्री दीक्षित ने कहा कि, खुले में शौच मुक्त अभियान को यथावत जारी रखा जाएगा। यह कार्य लोगों के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता।

आपको बता दें कि इस बार 21 अप्रैल को आयोजित सिविल सर्विसेज डे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किशनगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी पंकज दीक्षित को लोक शिकायत निवारण अधिनियम के क्षेत्र में सबसे बेहतर कार्य करने पर सम्मानित किया था। साथ ही जिले के स्कूलों के औचक-निरीक्षण एवं अपने बच्चे का पहला बर्थ-डे सेलीब्रेट करने गरीब-असहाय बच्चों के बीच जाने के बाद सूबे में श्री दीक्षित की काफी चर्चा हुई थीं।

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